प्रेगनेंसी के दौरान होने वाले पिता की जिम्मेदारी

आज से 10 या 20 वर्षों पहले गर्भावस्था केवल महिलाओं का काम हुआ करता था, लेकिन अब यह स्थिति बिलकुल बदल गई है, आजकल सभी होने वाले पिता भी अपनी लाइफ पार्टनर के इस गर्भावस्था के सफर में पूरी तरह हिस्सा लेने लगे हैं। अब केवल महिला अकेले यह नहीं बोलती कि “मैं प्रेग्नेंट हूँ” बल्कि अब दोनों होने वाले पेरेंट्स साथ मिलकर कहते हैं कि “हम प्रेग्नेंट हैं”|

मैंने बहुत से ऐसे होने वाले पिताओं को देखा है जो अपनी पत्नियों के इस सफर में खुद को पीछे छूटा हुआ महसूस करते हैं या उन्हें बहुत मजबूर सा महसूस होता है। ऐसा महसूस होना बहुत आम बात है क्योंकि पुरुषों को इस समय किसी तरह शारीरिक बदलाव से गुज़रना नहीं पड़ता।

निम्न कुछ ऐसे टिप्स हैं जिनसे सभी होने वाले पिता अपनी पत्नियों का साथ दे सकते हैं

  1. अपनी पत्नी के साथ उसकी गर्भावस्था के दौरान हर गाइनोकोलॉजिस्ट, अल्ट्रासाउंड या अन्य किसी टेस्ट की अपॉइंटमेंट में ज़रूर जायें।
  2. अपने दोस्तों और उनके अनुभवों, किताबों और खासकर अपनी पत्नी से गर्भावस्था के बारे में सारी जानकारी लें।
  3. अपने होने वाले बच्चे को जानने की कोशिश करें- अपनी पत्नी के पेट पर अपना हाथ का गाल रखकर अपने बच्चे और उसकी हर मूवमेंट को महसूस करने की कोशिश करें, या उससे बात करने की कोशिश करें।
  4. हर थोड़े-थोड़े समय बाद अपनी पत्नी से उसकी भावनाओं के बारे में बात करते रहें क्योंकि इस समय वे बहुत से शारीरिक व भावनात्मक बदलावों से गुज़र रही होती हैं।

अपनी सेक्स लाइफ को खोने का डर – गर्भावस्था के पहले महीने और आखरी दो महीनो में किसी प्रकार के यौन संबंध पर पाबंदी होती है लेकिन यह कोई ऐसा मुद्दा नहीं है जिसके लिए आपको बहुत अधिक तनाव लेने की ज़रूरत पड़े। ऊपर लिखे इन महीनो में भी अगर आप कभी कभी अपनी पत्नी के साथ यौन संबंध रखते हैं तो इसमें कोई खतरा नहीं होता।

मूड स्विंग्स – अक्सर आपकी पत्नी और आपको मूड स्विंग्स अनुभव होंगे और खासकर यह डिप्रेशन के मूड स्विंग्स होंगे। सबसे अच्छा उपाय यह है कि आप अपनी पत्नी से इसके बारे में बात करें। इससे आप दोनों के बीच ना ही कभी लड़ाई होगी ना ही आपके रिश्ते में किसी प्रकार की गलतफहमी की जगह होगी।

यह आम बात है कि आपको इस समय अपनी पत्नी के हेल्थ की बहुत फ़िक्र होगी, लेकिन आपको थोड़ा रिलैक्स करने की ज़रूरत है। जब तक उनका इलाज किसी अच्छे विशेषज्ञ द्वारा किया जा रहा है, आपको किसी तरह की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।

क्या आपको बच्चे के आ जाने के बाद अपनी ज़िन्दगी में होने वाले बदलावों से घबराहट हो रही है ?

यह सही है कि बच्चे के आ जाने के बाद आपकी ज़िन्दगी बिलकुल बदल जाती है लेकिन जब तक आपकी सोच सकारात्मक हो तब तक आपको यह बदलाव भी अच्छे लगेंगे। शुरुआत में आपको कुछ बातों का ख्याल रखना पड़ता है लेकिन जब तक आप अपनी निजी और सामाजिक ज़िन्दगी का भरपूर मज़ा लेंगे तब तक आपको किसी तरह की पाबंदी से परेशानी नहीं होगी।

क्या मैं एक अच्छा पिता बन पाऊँगा ? अच्छे या बुरे के पहले से कोई नियमित नियम नहीं होते लेकिन अगर आप अभी से इतने चिंतित हैं तो आपको वह करना चाहिए जो आपको अपने बच्चे के लिए सही लगे।

  1. अपनी पत्नी के साथ पैरेंटल क्लासेज जायें।
  2. आपको अपनी पत्नी की छोटे छोटे कामों जैसे नैप्पी बदलने में, दूध बनाने में और अन्य किसी तरह के होमवर्क करने में मदद करनी चाहिए।

आपका अपनी पत्नी के साथ रिश्ता- क्या यह रिश्ता बदलेगा ? हाँ, आपका अपनी पत्नी के साथ रिश्ता ज़रूर बदलेगा लेकिन सिर्फ अच्छे के लिए क्योंकि अब आप अपनी पत्नी के साथ एक और ज़िन्दगी बाटेंगे।

अपने साथी के साथ बातचीत करना सबसे ज़रूरी है। अपनी परेशानियों और आशंकाओं के बारे में अपनी पत्नी से बात करें। आपको अपनी पत्नी के हेल्थ के बारे में जो भी सवाल या आशंका हो उनके बारे में अपने गाइनोकालॉजिस्ट के साथ चर्चा करें। जब आपका बच्चा पैदा होगा तो आप यह महसूस करेंगे कि किस तरह यह बच्चा आप दोनों की ज़िन्दगी में एक वरदान बन के आया है।

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