प्रेग्नेंसी में ये 5 आदतें बढ़ाती हैं सिजोफ्रेनिया रोग का खतरा, जानें कैसे संभव है बचाव

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को तमाम शारीरिक और मानसिक परेशानियों से गुजरना पड़ता है। बावजूद इसके एक महिला के लिए मां बनने का एहसास सबसे सुखद होता है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में ढेर सारे बदलाव होते हैं, जिनमें से एक प्रमुख बदलाव है हार्मोनल बदलाव, यानी इस दौरान महिलाओं के शरीर में कई नए हार्मोन्स का स्राव होता है और कई हार्मोन्स की मात्रा भी घट-बढ़ जाती है। इसके कारण कई बार महिलाओं को सिजोफ्रेनिया जैसे मानसिक विकार खतरा होता है। इसका एक कारण गर्भावस्था में खाई जाने वाली किसी दवा का दुष्प्रभाव भी हो सकता है। आइए आपको बताते हैं कुछ ऐसी आदतें, जो गर्भावस्था के दौरान आपके लिए खतरनाक हो सकती हैं।

खतरनाक है प्रेग्नेंसी में सिजोफ्रेनिया

सिजोफ्रेनिया एक गंभीर मानसिक विकार (साइकेटिक डिसऑर्डर) है। इसमें मरीज सच्चाई और वास्तविक दुनिया से अलग होकर अपनी ही दुनिया में खोया रहता है। यदि बच्‍चे के जन्‍म से पूर्व मां को इस प्रकार की मानसिक विकार हो जाए तो इसका सीधा असर होने वाले बच्‍चे के स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ता है। यदि महिला प्रसव से एक महीने पूर्व सिजोफ्रेनिया से पीड़ि‍त है तो इसके कुछ संभावित खतरे हो सकते हैं। सिजोफ्रेनिया से पीडि़त महिला गर्भावस्‍था के दौरान अपनी देखभाल करना भूल सकती है। इसलिए ऐसे मरीजों का विशेष ध्यान रखना पड़ता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *